रक्षाबंधन पर आसनसोल में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की झलक, रवींद्र भवन में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मनाया सद्भाव का उत्सव
आसनसोल । भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन इस बार आसनसोल में सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्रवाद का महापर्व बन गया। शुक्रवार को शहर के हृदय स्थल रवींद्र भवन में आयोजित भव्य राखी बंधन उत्सव में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक एक ही धागे में बंधे नजर आए।
पश्चिम बंगाल सरकार का अनोखा आयोजन
पश्चिम बर्धमान जिला युवा कल्याण एवं खेल विभाग द्वारा आयोजित और आसनसोल नगर निगम व जिला सूचना एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से हुए इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रेम, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम की भव्यता देखते ही बन रही थी, पूरे रवींद्र भवन परिसर को उत्सव के रंग में सजाया गया था।
दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभा
इस गरिमामय समारोह में जिले के आला अधिकारी और कद्दावर नेता एक साथ मंच पर दिखे। कार्यक्रम में पश्चिम बर्धमान के जिलाधिकारी एस. पोन्नाबलम ने अपनी मौजूदगी से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उनके साथ आसनसोल उत्तर के लोकप्रिय विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय और बाराबनी के विधायक अरिजीत राय, आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर दिलीप मिश्रा, समेत जिला प्रशासन के कई उच्च अधिकारी और शहर के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सभी ने एक-दूसरे को राखी बांधकर यह संदेश दिया कि आसनसोल में सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोग एक परिवार की तरह रहते हैं।
मंच से गूंजा एकता का संदेश
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि रक्षाबंधन का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि हम सभी को एक-दूसरे की रक्षा और सम्मान करना चाहिए। जिलाधिकारी और विधायकों ने लोगों से अपील की कि वे आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखें और एक मजबूत, समृद्ध बंगाल और सशक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के अंत में पूरे सभागार में एकता और भाईचारे के नारों के साथ रक्षाबंधन उत्सव का समापन हुआ।














