दुर्गापूजा पंडालों की थीम को लेकर VHP की नई मांग, बोले – परंपरा और भक्ति दिखे, आपत्तिजनक थीम से बचें
आसनसोल । बंगाल की सबसे बड़ी आस्था और उत्सव दुर्गापूजा को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस साल के पूजा पंडालों की थीम और सजावट को लेकर आयोजकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। संगठन ने मांग की है कि पंडालों में बंगाल की पारंपरिक संस्कृति और धार्मिक मर्यादा को सबसे ऊपर रखा जाए।
क्या है VHP की मांग?
VHP की ओर से कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में कई जगह पंडालों में ऐसी थीम देखी गई हैं जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं या फूहड़ता को बढ़ावा देती हैं। संगठन ने ऐसी थीम से बचने की अपील की है।
साथ ही, संगठन ने यह भी मांग की है कि पवित्र दुर्गापूजा पंडालों के अंदर नॉनवेज या मांसाहार से जुड़े किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या थीम को जगह न दी जाए, ताकि पूजा की पवित्रता बनी रहे।
“दुर्गापूजा सिर्फ उत्सव नहीं, हमारी विरासत है”
VHP के प्रतिनिधियों का कहना है, “दुर्गापूजा केवल एक मेला या उत्सव नहीं है। यह पश्चिम बंगाल की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत, कला और आस्था का प्रतीक है। लाखों लोग पूरे साल इस पर्व का इंतजार करते हैं। इसलिए पंडालों की सजावट में भारतीय परंपरा, देवी-देवताओं की महिमा और बंगाल की लोक-कला की झलक दिखनी चाहिए।”
सरकारी गाइडलाइन नहीं, सामाजिक अपील
फिलहाल इसे सरकार की तरफ से जारी कोई आधिकारिक गाइडलाइन नहीं माना जा रहा है। यह विश्व हिंदू परिषद की ओर से पूजा कमेटियों से की गई एक सामाजिक और सांस्कृतिक अपील है।
हालांकि, दुर्गापूजा करीब आते ही इस मुद्दे पर राज्य में सामाजिक और राजनीतिक चर्चा तेज होने की पूरी संभावना है। कई पूजा कमेटियां पहले ही कह चुकी हैं कि वे थीम चुनते समय परंपरा और आधुनिकता का संतुलन बनाकर रखती हैं।
संदेश साफ है – आस्था के साथ उत्सव, परंपरा के साथ आधुनिकता।














