विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की 123वीं जयंती के मनाया गया
रानीगंज । रानीगंज के शिशुबागान स्थित विद्रोही कवि काजी नजरुल की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित की किया। इस अवसर उपस्थित आसनसोल नगर निगम के 93 नंबर वार्ड के पार्षद अलोक बोस, 36 नंबर वार्ड के पार्षद दिव्येंदु भगत, कंचन कांति तिवारी, रानीगंज सरणाया के अध्यक्ष जुथिका बनर्जी, रंजीतराम दे और भी तमाम सदस्यगण उपस्थित थे। इस मौके पर टीएमसी पार्षद आलोक बोस ने भी काजी नजरुल इस्लाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और कहा कि वह काजी नजरुल इस्लाम के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि सभी काजी नजरुल इस्लाम और उनके जीवन से वाकिफ है। उन्होंने जिस तरह से आजादी की लड़ाई में अपने योगदान दिया वह सब जानते हैं। आलोक बोस ने कहा कि इस शिल्पांचल के लोगों के काफी करीबी थे। उनका जन्म चुरुलिया में हुआ था और उन्होंने सियारसोल राज हाई स्कूल से पढ़ाई की थी। वहीं टीएमसी के पार्षद दिव्येंदु भगत ने कहा कि काजी नजरुल इस्लाम एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी कविताओं से ब्रिटिश साम्राज्यवाद की जड़ें हिला देते है। उनकी कविताओं में जिस तरह से देशभक्ति का जज्बा था ठीक उसी तरह सांप्रदायिक सौहार्द की भी वह बात किया करते थे। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में काजी नजरुल इस्लाम के आदर्शों पर चलने की बेहद जरूरत है और उनको याद करके ही नई पीढ़ी को अपना जीवन का लक्ष्य तय करना चाहिए।