कलकत्ता हाईकोर्ट को मिला नया बॉस, जस्टिस रवींद्र वी. घुगे ने 45वें चीफ जस्टिस के तौर पर ली शपथ, CM शुभेंदु रहे मौजूद
कोलकाता । लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कलकत्ता हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया। बुधवार को न्यायमूर्ति रवींद्र विठ्ठलराव घुगे ने हाईकोर्ट के 45वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल लिया।
राजभवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस* समेत राज्य के कई शीर्ष अधिकारी और न्यायिक जगत की हस्तियां मौजूद रहीं।
कार्यवाहक के भरोसे चल रहा था हाईकोर्ट
पिछले कई महीनों से कलकत्ता हाईकोर्ट का कामकाज कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के भरोसे चल रहा था, जिससे कई अहम प्रशासनिक फैसले अटके हुए थे। अब स्थायी चीफ जस्टिस की नियुक्ति के बाद न्यायिक प्रशासन में तेजी आने की उम्मीद है।
सबसे बड़ी चुनौती लंबित मामलों की है। जुलाई 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक हाईकोर्ट में करीब 1.93 लाख मामले पेंडिंग हैं। अब देखना होगा कि नए चीफ जस्टिस इस बोझ को कम करने के लिए क्या रोडमैप बनाते हैं।
कौन हैं जस्टिस आर. वी. घुगे?
न्यायमूर्ति घुगे का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है।
– उन्होंने 1990 में वकालत शुरू की थी।
– बॉम्बे हाईकोर्ट और श्रम न्यायालयों में उन्होंने श्रमिकों और यूनियनों के लगभग 2,000 मामलों में पैरवी की।
– बाद में उन्होंने कई बड़ी औद्योगिक और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के केस भी लड़े।
– 2013 में वे बॉम्बे हाईकोर्ट के जज बने।
– जून 2026 में वे बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस बने थे।
अब उन्हें देश के सबसे पुराने हाईकोर्ट में से एक, कलकत्ता हाईकोर्ट की कमान सौंपी गई है। उनके अनुभव से उम्मीद जताई जा रही है कि बंगाल में न्याय प्रक्रिया और तेज, पारदर्शी और आम लोगों के लिए सुलभ होगी।














