200 मदरसों को नोटिस पर सियासत गरमाई, भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा – बंद करने की साजिश नहीं, नियम सबके लिए बराबर
पांडवेश्वर | शिल्पांचल टुडे
पश्चिम बंगाल में 200 से ज्यादा मदरसों को नोटिस भेजे जाने के बाद शुरू हुई सियासी जंग अब और तेज हो गई है। विपक्ष इसे मदरसों को बंद करने की सरकारी साजिश बता रहा है, तो वहीं इस पूरे मामले पर पांडवेश्वर के भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने दो टूक बयान देकर बहस को नई दिशा दे दी है।
क्या बोले जितेंद्र तिवारी?
विधायक जितेंद्र तिवारी ने साफ कहा कि इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मामला मदरसा बंद करने का नहीं, बल्कि नियम और कानून के पालन का है।
उन्होंने कहा, “जिस तरह बिना लाइसेंस के कोई अस्पताल या दुकान नहीं चल सकती, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना गैरकानूनी है, ठीक उसी तरह मदरसा चलाने के लिए भी जरूरी कागजात, अनुमति और लाइसेंस होना जरूरी है। कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
तिवारी ने जोर देकर कहा कि कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए। किसी भी संस्था को नियमों से छूट नहीं दी जा सकती। अगर किसी मदरसे के पास वैध दस्तावेज या संचालन की अनुमति नहीं है, तो उस पर नियम के मुताबिक कार्रवाई होना ही चाहिए।
सियासी आरोपों के बीच नया एंगल
दरअसल, नोटिस जारी होने के बाद से ही विपक्ष सरकार पर समुदाय विशेष को निशाना बनाने का आरोप लगा रहा था। लेकिन जितेंद्र तिवारी के इस बयान के बाद अब चर्चा इस बात पर होने लगी है कि क्या वाकई में नोटिस पाने वाले मदरसों के पास जरूरी दस्तावेज पूरे हैं या नहीं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जिन 200 मदरसों को नोटिस मिला है, उनमें से कितनों के कागजात अधूरे हैं और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है। असली तस्वीर तो दस्तावेजों की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।















