Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

प्रोटोकॉल बना दीवार, हाथों से नहीं दे पाए तोहफा – आसनसोल के मूर्तिकार सुशांत राय की बनाई PM मोदी की मोम की प्रतिमा का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किया अनावरण

आसनसोल | शिल्पांचल टुडे

आसनसोल ने एक बार फिर अपनी कला से पूरे बंगाल में नाम रोशन किया है। महिशीला कॉलोनी के प्रसिद्ध मूर्तिकार सुशांत राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हू-ब-हू मोम की प्रतिमा बनाई है, जिसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है।

दो महीने की मेहनत, लेकिन हाथ से भेंट करने का मलाल

जानकारी के अनुसार सुशांत राय पिछले दो महीनों से दिन-रात मेहनत कर प्रधानमंत्री की इस प्रतिमा को तैयार कर रहे थे। उनकी दिली इच्छा थी कि वह यह प्रतिमा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथों से भेंट करें। लेकिन प्रोटोकॉल की वजह से उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई, जिसका उन्हें बहुत अफसोस है।

इसके बाद उन्होंने कोलकाता में भाजपा नेतृत्व से संपर्क किया। अंततः प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस प्रतिमा का उद्घाटन किया। बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने सुशांत राय को आश्वासन दिया है कि इस प्रतिमा को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

कौन हैं सुशांत राय?  

सुशांत राय सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि बंगाल की वैक्स आर्ट की पहचान बन चुके हैं। PM मोदी की प्रतिमा बनाने के बाद पूरे राज्य में उनके काम की जमकर सराहना हुई।

इससे पहले वह बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, सौमित्र चट्टोपाध्याय, महाराज सौरव गांगुली, फुटबॉल लीजेंड डिएगो माराडोना* जैसी कई हस्तियों की मोम की प्रतिमाएं बना चुके हैं। हाल ही में उन्होंने अर्जेंटीना के सुपरस्टार लियोनेल मेसी की प्रतिमा बनाकर सबका ध्यान खींचा था।

घर को बना दिया वैक्स म्यूजियम और शीशमहल

आसनसोल के महिशीला कॉलोनी स्थित अपने घर में ही उन्होंने एक शानदार वैक्स म्यूजियम और शीशमहल बनाया है। आज सिर्फ पश्चिम बर्दवान ही नहीं, बल्कि राज्य के कोने-कोने से लोग उनकी कला का यह संग्रह देखने आते हैं। कोलकाता स्थित राज्य के मैडम तुसाद म्यूजियम में भी उनकी बनाई कई प्रतिमाएं लगी हुई हैं।

कलाकार सुशांत राय ने बताया कि वह अपने वैक्स म्यूजियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और प्रतिमा बनाना चाहते हैं, ताकि आम लोग भी वहां आकर उसे देख सकें।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *