जामुड़िया में फिर फटा जमीन का सीना – न्यू केंदा में तीसरी बार धंसान, 144 परिवार दहशत में, ECL पर लापरवाही का आरोप
जामुड़िया, शिल्पांचल टुडे
जामुड़िया के न्यू केंदा इलाके में एक बार फिर जमीन धंसने से हड़कंप मच गया है। गुरुवार तड़के करीब 5 बजे न्यू केंदा नंबर-3 बाउरी पाड़ा में मनसा मंदिर के पास तेज धमाके के साथ जमीन धंस गई। दो दिन से हो रही लगातार बारिश के बाद हुए इस धंसान से पूरे इलाके में डर का माहौल है।
2 साल में तीसरी बार धंसी जमीन
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी जगह पर 2 साल के अंदर यह तीसरा धंसान है। गड्ढे से अभी भी रह-रह कर आवाजें आ रही हैं और धंसान का दायरा बढ़ता जा रहा है।
सबसे बड़ा खतरा यह है कि धंसी हुई जगह के बिल्कुल बगल से मेन रोड गुजरती है। इसी रास्ते से रोज सैकड़ों लोग और स्कूली बच्चे फुटबॉल मैदान जाते हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासी क्रांति बाउरी ने कहा, “गड्ढे से लगातार आवाज आ रही है, हम बच्चों को बाहर भेजने से डर रहे हैं।”
144 परिवारों के पुनर्वास का वादा, सिर्फ कांटेदार तार
स्थानीय निवासी रामकृष्ण बाउरी ने आरोप लगाया कि इस इलाके के 144 परिवारों को जोखिमग्रस्त घोषित कर पुनर्वास का वादा किया गया था, पर आज तक कुछ नहीं हुआ।
बाउरी समाज शिक्षा समिति के हरे कृष्ण बाउरी ने बताया कि पिछले धंसान के बाद ECL ने सिर्फ खानापूर्ति के लिए कांटेदार तार लगा दिया था। कुछ परिवारों को ईस्ट केंदा आवास में शिफ्ट तो किया गया, लेकिन न पूरा मुआवजा मिला, न स्थायी घर।
घटना के बाद भी नहीं पहुंचे ECL अधिकारी
गुस्साए लोगों का कहना है कि गुरुवार सुबह घटना के कई घंटे बाद तक ECL केंदा एरिया का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस बार स्थायी समाधान और सुरक्षित पुनर्वास नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
अब सवाल सिर्फ एक है – हर बारिश में जमीन धंसेगी और लोग डर में जिएंगे, या ECL-प्रशासन 144 परिवारों को सुरक्षित छत देगा?














