अंडाल के खान्दरा में फिर दहला धरती – नीलकंठ मंदिर के पास एक महीने में दूसरी बार जमीन धंसी, ECL की लापरवाही पर उठे सवाल
अंडाल, शिल्पांचल टुडे
अंडाल के खान्दरा स्थित प्रसिद्ध नीलकंठ मंदिर इलाके में दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। एक महीने के भीतर ही दूसरी बार जमीन धंसने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार रात हुई इस घटना के बाद लोगों की रातों की नींद उड़ गई है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले भी मंदिर के बेहद करीब आबादी वाले इलाके में जमीन धंस गई थी, जिसके बाद लोगों को डर के मारे घर छोड़कर बाहर निकलना पड़ा था। तब रानीगंज के विधायक पार्थ घोष मौके पर पहुंचे थे और लोगों को साथ खड़े रहने का भरोसा दिया था।
फेंसिंग ही समाधान? स्थायी व्यवस्था नहीं
पहली घटना के बाद ECL अधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए धंसाव वाली जगह को खतरनाक घोषित कर सिर्फ फेंसिंग लगा दी थी, लेकिन लोगों के पुनर्वास या स्थायी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब शुक्रवार रात मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर खाली जगह पर फिर बड़ा गड्ढा बन गया है।
ECL मैनेजर पर गंभीर आरोप
इस बार ग्रामीणों का गुस्सा ECL प्रबंधन पर फूट पड़ा है। खान्दरा गांव के निवासी आकाश रुईदास ने सीधे तौर पर विश्वेश्वरी कोलियरी के मैनेजर विश्वजीत राय को जिम्मेदार ठहराया है।
आकाश ने आरोप लगाया कि मैनेजर पांडवेश्वर के पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के करीबी हैं और उनकी मिलीभगत से खदान में लूटपाट हुई है। कोयला निकालने के बाद खदान के नीचे सही तरीके से बालू भराई और पैकिंग नहीं की गई, जिसके कारण बार-बार जमीन धंस रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बार ECL अधिकारियों ने 1982 की पुरानी खदान का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया था, लेकिन सच यह है कि अभी भी कोयला निकालने के बाद पैकिंग में भारी लापरवाही बरती जा रही है। इसमें ठेकेदार और प्रबंधन की मिलीभगत है।
कैमरे पर चुप्पी, जमीन पर दहशत
शनिवार सुबह घटना की खबर मिलते ही ECL के कुछ अधिकारी मौके पर तो पहुंचे, लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
बार-बार हो रहे धंसाव से खान्दरा में सनसनी फैली हुई है। लोगों के मन में एक ही सवाल है – आखिर हम कब तक इस मौत के मुंह में रहेंगे? प्रशासन कब हमें सुरक्षित छत देगा?














