चित्तरंजन रेलनगरी में सनसनी – 3 साल से बंद क्वार्टर में मिला कंकाल, लापता रेलकर्मी की मौत बनी पहेली
चित्तरंजन, शिल्पांचल टुडे
चित्तरंजन रेलनगरी के एक बंद रेलवे क्वार्टर से मानव कंकाल मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह कंकाल 59 वर्षीय रेलकर्मी प्रकाश चंद्र राउत राय का है, जो 2021 से लापता थे।
बंद क्वार्टर में कैसे पहुंचा कंकाल?
मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस क्वार्टर से कंकाल बरामद हुआ है, वह लंबे समय से बंद पड़ा था। परिजनों के अनुसार, प्रकाश चंद्र राउत राय 2021 में अचानक लापता हो गए थे और काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला था। इसके बाद 2023 में परिवार ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जानकारी के मुताबिक, रेलवे क्वार्टर को वापस रेलवे को सौंपने की प्रक्रिया के तहत इसी साल अप्रैल महीने में परिजनों ने क्वार्टर खोला था। लेकिन सोमवार को जब उनके भतीजे दोबारा क्वार्टर में पहुंचे, तो पूजा वाले कमरे में उन्हें हड्डियों के टुकड़े दिखाई दिए। घबराए परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही चित्तरंजन पुलिस के साथ-साथ एसीपी कुल्टी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और कंकाल को जांच के लिए भेज दिया है।
मौत का कारण क्या? जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रकाश चंद्र राउत राय की मौत कैसे हुई? क्या यह प्राकृतिक मौत थी, आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश है? पुलिस फिलहाल सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रकाश चंद्र राउत राय मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, हालांकि पिछले कुछ समय से वह मानसिक तनाव में बताए जा रहे थे। लेकिन मौत के असली कारण का पता फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही चल पाएगा।
जांच का सबसे बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि जब अप्रैल में क्वार्टर खोला गया था, तो उस समय कंकाल क्यों नहीं दिखा और पांच महीने बाद अब कैसे सामने आया? यही सवाल अब इस पूरे रहस्यमय मामले की सबसे अहम कड़ी बन गया है।














