Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

35 हजार फीट पर मौत को मात देने वाले कैप्टन स्मित के लिए आसनसोल में गूंजा महामृत्युंजय मंत्र, धेमोमेन में विशेष हवन-पूजन

शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।

आसमान में मौत से जंग जीतने वाले भारत के वीर सपूत कैप्टन स्मित मच्छर के लिए अब पूरा देश दुआ कर रहा है। इसी कड़ी में आसनसोल के धेमोमेन कोलियरी स्थित शिव मंदिर में रविवार को उनके शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु के लिए महामृत्युंजय जाप और विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया।

भाजपा नेता बिरजू कुमार यादव के नेतृत्व में हुए इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की गई कि 182 जिंदगियों के रक्षक कैप्टन जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटें।

क्रैश एक्स से हुआ था हमला, फिर भी नहीं माना हार

गौरतलब है कि 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में खौफनाक मंजर हुआ था। फ्लाइट में 174 यात्री थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली थे।

UAE के अटॉर्नी जनरल के मुताबिक ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखे इमरजेंसी टूल क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला कर दिया और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए, खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

विमान अचानक 17 हजार फीट नीचे गिर गया और रडर का एक हिस्सा टूट गया। इसी बीच घायल कैप्टन ने पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। बाहर से यात्रियों और डेडहेडिंग कर रहे दो अतिरिक्त पायलटों ने अंदर घुसकर हमलावर को काबू किया और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुबह 6:58 बजे सुरक्षित लैंड कराया।

देश-दुनिया में हीरो बने कैप्टन स्मित

17 साल के अनुभवी पायलट कैप्टन स्मित की इस बहादुरी की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर कहा कि उनकी वीरता पर पूरे भारत को गर्व है। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें विश्व का नायक बताते हुए इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। अमेरिका ने भी उनकी तारीफ की है।

फिलहाल कैप्टन स्मित का अबू धाबी के अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। आसनसोल में हुआ यह हवन सिर्फ एक पूजा नहीं, बल्कि उस हीरो के प्रति पूरे देश की भावना का प्रतीक है जिसने कहा था – “मैं दूसरों को मरने नहीं दूंगा।”


 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *