Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

PMO अधिकारी बनकर नवान्न में मंत्री से मिली महिला, जांच में जुड़ा आसनसोल के धेमोमेन का नाम, दो गिरफ्तार

 

शिल्पांचल टुडे , कोलकता / आसनसोल।

बंगाल के राज्य सचिवालय नवान्न में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय की अधिकारी बताकर मंत्री से मुलाकात करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले की जांच अब कोलकाता से लेकर आसनसोल के धेमोमेन तक पहुंच गई है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला आकांक्षा विद्यार्थी और दूसरा आसनसोल के धेमोमेन निवासी अभिजीत महतो है। दोनों से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है।

मामला 30 सितंबर का है। आरोप है कि आकांक्षा विद्यार्थी ने खुद को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की PMO टीम से जुड़ी अधिकारी बताकर ई-मेल के जरिए राज्य के PWD मंत्री अजय पोद्दार से मिलने का समय मांगा था। ई-मेल पर अनुमति मिलने के बाद वह सीधे नवान्न पहुंच गई और मंत्री से मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान आकांक्षा की बातों और व्यवहार पर मंत्री को शक हुआ। उन्होंने तुरंत PMO में संपर्क कर सत्यापन कराया तो पता चला कि इस नाम की कोई अधिकारी PMO में है ही नहीं। इसके बाद मंत्री के कार्यालय की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई।

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसमें आसनसोल के धेमोमेन इलाके का नाम सामने आया। पुलिस सूत्रों के अनुसार आकांक्षा से पूछताछ में धेमोमेन के कुछ स्थानीय राजनीतिक और कारोबारी विवादों का जिक्र आया है। इसी कड़ी में धेमोमेन निवासी अभिजीत महतो को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नवान्न में मंत्री से मुलाकात के पीछे क्या मकसद था। क्या यह धेमोमेन के किसी जमीन विवाद, कारोबारी समझौते या राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश थी? पुलिस PMO के नाम पर इस्तेमाल किए गए ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर की भी जांच कर रही है कि वह फर्जी था या किसी और के नाम पर बनाया गया था।

जांच एजेंसियां इस बात से भी इनकार नहीं कर रही हैं कि इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा हो जो फर्जी पहचान के जरिए सरकारी दफ्तरों में पहुंच बनाता हो।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही धेमोमेन इलाके में राजनीतिक तनाव के दौरान गोली चलने की घटना हुई थी, जिसके बाद से ही यह इलाका चर्चा में है। अब उसी इलाके का नाम नवान्न के इस फर्जी PMO मामले में आने से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि पूरी योजना किसने बनाई, PMO के नाम का इस्तेमाल क्यों किया गया और इसका धेमोमेन से असली कनेक्शन क्या है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।


 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *