“तिरंगा किसी का निजी कवच नहीं, देश की आन-बान-शान है” – आसनसोल के व्यवसायी सुरेन जालान ने दिया एकता का संदेश
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
देश में एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने के लिए आसनसोल के विशिष्ट व्यवसायी सुरेन जालान ने तिरंगे के सम्मान को लेकर एक भावुक अपील जारी की है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसका सम्मान हर भारतीय का पहला कर्तव्य है।
क्रांतिकारियों के बलिदान को याद रखना होगा’
सुरेन जालान ने अपने संदेश में कहा, “आजादी से पहले हमारे अनेक क्रांतिकारियों ने तिरंगे को सम्मान और गौरव दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। आज हमारा कर्तव्य है कि हम उनके बलिदानों का सम्मान करें और देश की एकता, अखंडता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें।”
‘तिरंगे की आड़ में स्वार्थ की राजनीति नहीं होनी चाहिए’
उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह तिरंगे की आड़ में अपने निजी स्वार्थों को साधने या देश में अशांति फैलाने का प्रयास करता है, तो ऐसे कृत्यों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
“तिरंगा किसी का निजी कवच नहीं, बल्कि पूरे भारत की आन, बान और शान है। हमें अपने राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग देश को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और संविधान के मूल्यों को मजबूत करने के लिए करना चाहिए।”
अंत में उन्होंने सभी देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है और हमें किसी भी परिस्थिति में हिंसा, अराजकता और वैमनस्य को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
















