ECL के खिलाफ फूटा युवाओं का गुस्सा! 150 ITI अप्रेंटिस ने घेरा मुख्यालय, बोले- “एक साल खटाया, अब नौकरी नहीं दोगे तो नहीं हटेंगे”
शिल्पांचल टुडे, कुल्टी।
नौकरी का वादा कर साल भर तक खदान में खटाने के बाद ECL ने मुंह मोड़ लिया। इससे नाराज करीब 150 ITI पास अप्रेंटिस युवाओं ने सोमवार को ECL मुख्यालय सांकतोड़िया को घेर लिया और जमकर धरना-प्रदर्शन किया।
सुबह से ही भारतीय ITI अप्रेंटिस संघ के बैनर तले युवा “हमें रोजगार दो” के नारे लगाते हुए मुख्यालय के गेट के सामने बैठ गए।
एक साल प्रशिक्षण, फिर बेरोजगार!
धरने पर बैठे युवाओं का कहना है कि उन्होंने ECL की अलग-अलग खदानों में पूरे एक साल तक कड़ी मेहनत कर अप्रेंटिस ट्रेनिंग पूरी की है। खदान के अंदर का कठिन काम भी किया। उम्मीद थी कि ट्रेनिंग के बाद स्थायी नौकरी मिलेगी, लेकिन ट्रेनिंग खत्म होते ही प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए।
आंदोलन के नेता बिकाश पासवान ने कहा, “हम 150 लड़कों ने अपना एक साल ECL को दिया है। WCL और SCCL जैसी दूसरी कोयला कंपनियां अपने अप्रेंटिस लड़कों को नौकरी दे रही हैं, तो ECL क्यों नहीं दे रही? क्या हम सौतेले हैं?”
लिखित आश्वासन नहीं तो धरना नहीं हटेगा
सोमवार सुबह से चल रहे इस धरने के बीच ECL प्रबंधन के कुछ अधिकारी युवाओं से बात करने आए, लेकिन बात बेनतीजा रही। अधिकारियों ने सिर्फ मौखिक दिलासा दिया, जिससे युवा संतुष्ट नहीं हुए।
बिकाश पासवान ने साफ चेतावनी दी, “जब तक ECL प्रबंधन लिखित में नौकरी का आश्वासन नहीं देता, हम यहां से एक इंच भी नहीं हिलेंगे। यह आंदोलन रात भर भी चल सकता है और आगे भी जारी रहेगा।”
युवाओं का कहना है कि बेरोजगारी में एक साल खराब करने के बाद अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
फिलहाल ECL प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना है कि ECL इन ट्रेनिंग ले चुके युवाओं को रोजगार देता है या यह हंगामा और बड़ा होता है।













