रानीगंज में प्रसव के बाद मां की मौत से हाहाकार! बच्ची ने जन्म लेते ही खो दी मां की ममता, अस्पताल के बाहर टायर जलाकर प्रदर्शन
शिल्पांचल टुडे, रानीगंज।
खुशी का दिन मातम में बदल गया। स्कूल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में एक स्वस्थ बच्ची ने जन्म लिया, लेकिन कुछ ही घंटे बाद उसकी मां मोनिका मुर्मू (30) की मौत हो गई। नवजात ने दुनिया में आते ही मां का आंचल खो दिया।
क्या हुआ था अस्पताल में?
मोनिका का मायका बर्नपुर में और ससुराल जामुड़िया में है। पति गणेश मुर्मू के मुताबिक, मोनिका पिछले कई महीनों से डॉ. कान्हाई लाल केशरी की देखरेख में थीं।
परिवार का कहना है – मोनिका ने बीएन अग्रवाल मेमोरियल अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद वह ठीक थीं, चल-फिर भी रही थीं। अचानक तबीयत बिगड़ी। अस्पताल ने गर्भाशय में दिक्कत बताकर दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
पति का फूटा दर्द – “लापरवाही ने मेरी पत्नी को छीन लिया”
पति गणेश ने आरोप लगाया कि समय पर सही इलाज नहीं मिला। इसी आरोप के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
स्कूल मोड़ पर जाम, टायर जलाकर विरोध
खबर फैलते ही बर्नपुर और जामुड़िया से सैकड़ों परिजन और आदिवासी समुदाय के लोग अस्पताल के बाहर पहुंच गए। लोगों ने स्कूल मोड़ पर सड़क जाम कर दिया और टायर जलाकर विरोध जताया।
मांग एक ही थी – पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पर कार्रवाई हो।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
तनाव बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की। इलाके में देर तक तनाव बना रहा।
अभी सबसे बड़ा सवाल
प्रसव के बाद अचानक तबीयत क्यों बिगड़ी? क्या समय पर इलाज मिलता तो मोनिका बच जातीं?
फिलहाल अस्पताल की तरफ से लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है। असली वजह मेडिकल रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएगी।
लेकिन एक घर में जहां बच्ची के आने की खुशियां मननी थीं, वहां अब मातम पसरा है।













