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धनतेरस 2026: 6 नवंबर को ही मनाएं पर्व, शाम 6:02 से 8 बजे तक है सबसे शुभ मुहूर्त – जानें पूरी पूजा विधि और क्या खरीदें – हेमंत मिश्रा (MAJY)

शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।

इस साल धनतेरस का पावन पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। चूंकि धनतेरस की मुख्य पूजा और यम दीपदान प्रदोष काल में होता है, इसलिए पूजा 6 नवंबर की शाम को ही होगी।

धनतेरस 2026 का शुभ मुहूर्त

– त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर, सुबह 10:31 बजे से
– त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर, सुबह 10:49 बजे तक
– लक्ष्मी व धन्वंतरि पूजन का उत्तम समय: शाम 06:02 बजे से रात 08:00 बजे तक
– खरीदारी का शुभ समय: 6 नवंबर सुबह 10:31 के बाद पूरे दिन और 7 नवंबर सुबह 10:49 तक

धनतेरस की प्रामाणिक पूजा विधि

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और यमराज का पूजन होता है।

1. तैयारी और स्थापना
संध्या को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लकड़ी की चौकी पर लाल-पीला कपड़ा बिछाकर धन्वंतरि, लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।

2. गणेश पूजन
सबसे पहले गणेश जी को जल, रोली, अक्षत, दूर्वा और लड्डू अर्पित करें।

3. धन्वंतरि पूजन – आरोग्य के लिए
धन्वंतरि जी को रोली, चंदन, पीले फूल, कलावा चढ़ाएं। नए बर्तन को धोकर पूजा में रखें और हल्दी-कुमकुम का तिलक करें। पंचामृत, फल और तुलसी पत्र अर्पित करें।

मंत्र: ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतरये। अमृतकलश हस्ताय सर्वभयविनाशाय सर्वरोगनिवारणाय॥

4. लक्ष्मी-कुबेर पूजन – समृद्धि के लिए
माता लक्ष्मी और कुबेर जी को कमल का फूल, धूप-दीप और मिष्ठान चढ़ाएं। खरीदे गए सोने-चांदी के सिक्के, साबुत धनिया और नई झाड़ू पर हल्दी-कुमकुम लगाकर पूजा में रखें।

कुबेर मंत्र: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥_
लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

5. यम दीपदान – अकाल मृत्यु से मुक्ति
रात में सबके भोजन के बाद चार बत्तियों वाला चौमुखा मिट्टी का दीपक लें। सरसों का तेल भरकर मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके अनाज पर दीपक रखें और यमदेव से परिवार की रक्षा की प्रार्थना करें।

6. आरती और क्षमा प्रार्थना
अंत में आरती करें, भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें और प्रसाद बांटें।

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ है?
– सोना-चांदी: सिक्के, आभूषण या बर्तन
– धातु के बर्तन: पीतल, तांबा और इस वर्ष विशेषकर स्टील के बर्तन अति शुभ
– साबुत धनिया: समृद्धि का प्रतीक, पूजा के बाद गमले में बोएं या तिजोरी में रखें
– झाड़ू: दरिद्रता निवारण का प्रतीक

श्री हेमंत मिश्रा (MAJY)
Mb 9332449502
❤️ जय बजरंगबली 🙏

 

 

  

       

 

 

 

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