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मुंगेर से बंगाल तक हथियारों का खेल खत्म! STF की सबसे बड़ी स्ट्राइक – 38 बंदूकें, 122 कारतूस, 1150 जिलेटिन स्टिक बरामद, 4 गिरफ्तार

शिल्पांचल टुडे, दुर्गापुर / बीरभूम।
बिहार के मुंगेर से बंगाल तक फैले अवैध हथियारों के नेटवर्क पर बंगाल STF ने ऐसा प्रहार किया है कि पूरा तस्कर गिरोह हिल गया है। दो अलग-अलग अभियानों में 38 अवैध बंदूकें, 122 कारतूस, 1150 जिलेटिन स्टिक और 1064 डेटोनेटर बरामद किए गए हैं।

कैसे खुला पूरा नेटवर्क?

दुर्गापुर STF कार्यालय में SP सिद्धार्थ दोपला ने बताया कि इस नेटवर्क का खुलासा 30 जुलाई को जामुड़िया के बेलबाद मोड़ से हुआ। वहां से खैरुल आलम चौधरी उर्फ गदाई को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में पता चला कि हथियार बिहार के मुंगेर से खरीदकर बंगाल के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किए जाते थे। इसके बाद रांची से मोहम्मद समशेर हुसैन और पांडवेश्वर से शेख सहजान को गिरफ्तार किया गया।

अंडाल-पांडवेश्वर में छापेमारी, 21 देशी बंदूकें मिलीं

आरोपियों से मिली जानकारी पर अंडाल, पांडवेश्वर और अन्य ठिकानों पर छापा मारा गया। 3 और 5 नवंबर को धनबांध गांव में तलाशी के दौरान 21 देशी बंदूकें और 65 कारतूस बरामद हुए।

अब तक इस मामले में कुल 38 हथियार और 122 कारतूस जब्त हो चुके हैं।

बीरभूम में विस्फोटकों का भंडार

दूसरी बड़ी कार्रवाई बीरभूम के मुरारई थाना क्षेत्र के बरुआ गोपालपुर गांव में 4 और 5 नवंबर की रात हुई।

यहां से मोहम्मद रेजा शेख उर्फ गुधा शेख (56) और मुकेश सिंह (49) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में 1150 जिलेटिन स्टिक, 1064 डेटोनेटर और 375 मीटर के 32 रोल इलेक्ट्रिक केबल बरामद हुए।

जांच में विस्फोटकों की झारखंड और बिहार में अवैध सप्लाई और भंडारण के सुराग मिले हैं।

अब STF के रडार पर मास्टरमाइंड

STF अब यह पता लगा रही है कि इस पूरे खेल के पीछे मास्टरमाइंड कौन है, खरीदार कौन हैं और सप्लाई किन रास्तों से होती थी।

सबसे बड़ा सवाल – बिहार, झारखंड और बंगाल के बीच चल रहे इस नेटवर्क के अंतिम खरीदार कौन हैं और इन हथियारों-विस्फोटकों का इस्तेमाल कहां होना था?

STF की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब जांच सिर्फ बरामदगी तक नहीं, पूरी सप्लाई चेन को खत्म करने तक जाएगी।

 

 

  

       

 

 

 

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