चुनावी ड्यूटी में फंसे हैं शिक्षक कौन कराएगा माध्यमिक परीक्षा
केंद्रों पर ‘इनविजिलेटर’ के संकट की है आशंका
शिक्षा परिषद ने डीएम को पत्र लिख मांगी रिपोर्ट
डीएम ने मैनपावर प्रबंधन का दिया भरोसा
आसनसोल । कल यानी सोमवार से राज्य में माध्यमिक परीक्षा की शुरुआत हो रही है। छात्र-छात्राओं के जीवन की इस पहली बड़ी परीक्षा के लिए तैयारियां तो पूरी है, लेकिन एक बड़ी उलझन प्रशासन के सामने खड़ी हो गई है। दरअसल, शिक्षकों का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान में बीएलओ की ड्यूटी में तैनात है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि परीक्षा केंद्रों पर ‘इनविजिलेटर’ (निरीक्षक) मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने पहले ही सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की किया था कि थी। उन्होंने अनुरोध किया परीक्षा के दिनों में शिक्षकों को साढ़े चार बजे तक बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। हालांकि, चुनाव आयोग से स्पष्ट हरी झंडी न मिलने के कारण अधिकांश जिलाधिकारियों की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कल परीक्षा के पहले पहले दिन केंद्रों पर मैनपावर का प्रबंधन कैसे होता है।
जिला प्रशासन की निगरानी में मामला : डीआई
पश्चिम बर्दवान जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआई) सोमेन लाहा ने स्वीकार किया कि कुछ शिक्षक बीएलओ इयूटी में है। यह पूरा मामला जिला प्रशासन की निगरानी जो है। वैकल्पिक व्यवस्वाए सुनिश्चित की जा रही है।
पश्चिम बर्दवान आंकड़ों की स्थिति: जिला प्रशासन से मिले आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बर्दवान जिले में इस वर्ष कुल 30,497 परीक्षार्थी माध्यमिक परीक्षा में बैठ रहे हैं। इनमें 13,680 छात्र और 16,817 छात्राएं शामिल हैं। जिले में कुल 87 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 22 मुख्य केंद्र और 65 उप-केंद्र शामिल हैं। अकेले आसनसोल अनुमंडल में 52 और दुर्गापुर में 35 केंद्र हैं।
परीक्षा तक कम हो जाएगा शिक्षकों पर दबाव : डीएम
बहती चिंताओं के बीच परिचत बदन के डीएम पन्नोबलम एस ने कहा किया है कि 1 फरवरी तक अधिक्षत सुनावाई और चुनावी कार्य पूरे हो रहे है, जिससे बीएलओ पर काम का दबाव कम होना। जिन शिक्षकों की इयूटी परीक्षा केंद्र पर है, वे वहां समय पर उपस्थित हो सके।












