बर्नपुर में लगा 13वां गुरमत समर कैंप: 120 सिख बच्चों ने सीखी गुरबाणी और सिख इतिहास, सचिव बोले- “मोबाइल युग में धर्म की शिक्षा जरूरी
बर्नपुर, जून 2026। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की देखरेख में गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल पूर्वी भारत की ओर से हर साल की तरह इस बार भी गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को गुरमत से जोड़ने की अनूठी पहल की गई। बिहार, बंगाल और झारखंड के अलग-अलग गुरुद्वारों में 13वां गुरमत समर कैंप आयोजित किया गया।
ध्रुवडंगाल गुरुद्वारे में 1 से 4 जून तक चला कैंप’
*1 जून से 4 जून* तक *बर्नपुर के ध्रुवडंगाल स्थित शहीद बाबा दीप जी गुरुद्वारा* में प्रबंधक कमेटी के सहयोग से यह कैंप लगा। इसमें *तकरीबन 120 सिख विद्यार्थियों* ने हिस्सा लिया और *गुरमत की शिक्षा* ग्रहण की।
गुरमुखी, गुरबाणी और सिख इतिहास पढ़ाया गया’
गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल पूर्वी भारत के सचिव गुरविंदर सिंह ने बताया कि यह कैंप हरजिंदर सिंह धामी और गुरिंदर सिंह माथेवाल के पूर्ण सहयोग से लगाया गया। बच्चों को गुरमुखी लिपि, सिखलाई, गुरबाणी पाठ और गौरवशाली सिख इतिहास की जानकारी दी गई।
‘मोबाइल की दुनिया में धर्म से दूर हो रहे बच्चे’
गुरविंदर सिंह ने चिंता जताते हुए कहा, “आज आधुनिक युग में बच्चे मोबाइल में व्यस्त हैं और उन्हें धर्म की जानकारी नहीं मिल पा रही। अगर संसार में तरक्की करनी है तो गुरु के उपदेश से ही संभव है।”उन्होंने जोर दिया कि कामयाबी के लिए आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक शिक्षा भी बेहद जरूरी है*।
‘धार्मिक मुकाबले भी हुए, विजेता सम्मानित’
कैंप में जगदेव सिंह, हरविंदर सिंह और जितेंद्र सिंह विशेष रूप से पहुंचे और बच्चों को शिक्षा दी। समापन के मौके पर बच्चों के बीच धार्मिक मुकाबले भी कराए गए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
‘हर साल लगेगा कैंप: गुरुद्वारा कमेटी’
ध्रुवडंगाल गुरुद्वारा के अध्यक्ष हरपाल सिंह जौहल और पूरी कमेटी के साथ स्त्री सत्संग का आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने ऐलान किया कि अब से हर साल ध्रुवडंगाल गुरुद्वारा में इस तरह का शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और गौरवशाली विरासत से जुड़ी रहे।















