नेत्रदान महादान” – राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता क्विज में 500 महिलाओं की भागीदारी, बंगाल की पूनम सराफ ने जीता तृतीय पुरस्कार
आसनसोल । अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा का आज भव्य समापन हो गया। 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चले इस जन-जागरूकता अभियान ने देशभर में नेत्रदान को लेकर एक नई अलख जगाई है।
WhatsApp पर 500 बहनों ने दिखाया उत्साह
समापन अवसर पर 8 सितंबर, शाम 4 बजे ऑनलाइन माध्यम से “नेत्रदान जागरूकता क्विज” का आयोजन किया गया। आयोजकों ने इस क्विज के लिए अधिकतम 500 प्रतिभागियों की सीमा तय की थी और देखते ही देखते सभी 500 सीटें फुल हो गईं। देश के कोने-कोने से बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यह साबित कर दिया कि नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
विजेताओं का सम्मान
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच क्विज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता बहनें हैं –
प्रथम स्थान – हेमा जालान (बिहार)
द्वितीय स्थान – अपर्णा पोद्दार (ओडिशा)
तृतीय स्थान – पूनम सराफ (पश्चिम बंगाल)
भ्रांतियों को दूर करना है लक्ष्य
सम्मेलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा राठी एवं राष्ट्रीय सचिव बबीता बगड़िया ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
राष्ट्रीय नेत्रदान-देहदान प्रकल्प प्रमुख सरोज सुनालिया एवं डॉ. राजकुमारी जैन के मार्गदर्शन में चले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नेत्रदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और अधिक से अधिक लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना रहा।
क्विज की संयोजक मधु डमरेवाल के सफल समन्वय से प्रतिभागियों ने रोचक तरीके से नेत्रदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
अंत में सभी ने एक स्वर में आह्वान किया – “आँखें दें, जीवन दें। नेत्रदान करें, उज्ज्वल भविष्य दें।”














