दुर्गापुर के पॉश अपार्टमेंट में आग से हड़कंप – नीलकंठ अपार्टमेंट के मीटर रूम में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे सैकड़ों निवासी, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी पर उठे गंभीर सवाल
दुर्गापुर | शिल्पांचल टुडे
दुर्गापुर के सगरभांगा इलाके स्थित पॉश नीलकंठ अपार्टमेंट में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब इमारत के इलेक्ट्रिकल मीटर रूम से अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते पूरे कॉम्प्लेक्स में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए फ्लैट छोड़कर नीचे की ओर भागने लगे।
कैसे लगी आग?
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक मीटर रूम से चिंगारी के साथ आग भड़क उठी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में धुआं पूरी इमारत में भर गया। इमारत में कई बुजुर्ग और बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें निवासियों ने किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में *किसी के हताहत होने की खबर नहीं है*, लेकिन आग के कारण पूरे अपार्टमेंट की बिजली आपूर्ति को एहतियातन पूरी तरह से बंद करना पड़ा, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे में कई फ्लैटों में लोगों को रात गुजारनी पड़ी।
विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद अपार्टमेंट की इलेक्ट्रिकल सेफ्टी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गुस्साए निवासियों ने प्रबंधन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
निवासियों का कहना है कि –
1. इमारत के बाहर से गुजर रही हाई-टेंशन लाइन की केबलों पर क्षमता से अधिक लोड दिया गया है।
2. अपार्टमेंट के कई फ्लैटों में एक साथ कई एसी, गीजर और अन्य भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से लाइनों पर लगातार अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
3. मीटर रूम में सुरक्षा मानकों और मेंटेनेंस में भारी लापरवाही बरती जा रही है। न तो नियमित जांच होती है और न ही फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम हैं।
बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों?
स्थानीय निवासियों ने कहा, “आज तो हम बाल-बाल बच गए, लेकिन कल कोई बड़ी जनहानि भी हो सकती है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?”
उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन और दुर्गापुर नगर निगम तुरंत इस पूरे मामले की जांच करे और सभी बहुमंजिला इमारतों की इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट कराए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहा है।















