पुरुलिया के करम मंच से CM शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान – कुड़माली और राजबंशी भाषा जल्द 8वीं अनुसूची में होगी शामिल, कुड़मी समाज पर दर्ज पुराने केस होंगे वापस
पुरुलिया / शिल्पांचल टुडे
कुड़मी समाज के सबसे बड़े लोक पर्व करम पर्व के मंच से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को दो बड़े वादे कर दिए। पुरुलिया के कड़ाडी मैदान में लाखों लोगों की मौजूदगी में CM ने कहा कि कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। साथ ही राजबंशी भाषा* को भी आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह हमारे चुनावी संकल्प पत्र का वादा था। हमारी सरकार अपनी बात पर कायम है। कुड़माली सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि जंगलमहल की पहचान है।”
400 नृत्य दलों ने किया CM का स्वागत
कड़ाडी मैदान में आयोजित करम महा-समावेश में इस बार रिकॉर्ड भीड़ जुटी। आयोजकों के मुताबिक करीब 400 आदिवासी नृत्य दलों और 1 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। ढोल-मांदल की थाप पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
सिर्फ घोषणा नहीं, पुराने जख्मों पर भी मरहम
मुख्यमंत्री ने मंच से एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल सितंबर में कुड़माली भाषा की मांग को लेकर हुए रेल रोको आंदोलन और कुड़मी आंदोलन के दौरान पिछली TMC सरकार में समाज के लोगों पर जो केस दर्ज किए गए थे, उन सभी केसों को वापस लिया जाएगा।
बता दें कि पिछले साल हुए उस आंदोलन में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद कई लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए थे।
अब सबकी नजर दिल्ली तक की प्रक्रिया पर
8वीं अनुसूची में भाषा को शामिल करने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार और संसद से होता है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव भेजना इसकी सबसे अहम पहली प्रक्रिया है। CM के इस ऐलान के बाद अब कुड़मी समाज को राज्य सरकार के प्रस्ताव और केंद्र की मुहर का इंतजार है।















