छाता मेला में झूमा आदिवासी संस्कृति का रंग – ढोल-मांदल की थाप पर थिरके कलाकार, विधायक अरिजीत राय और जिलाध्यक्ष देबतानु भट्टाचार्य ने किया दीप प्रज्वलन
जामुड़िया /शिल्पांचल टुडे
बंग छाता मेला 2026 के अवसर पर जामुड़िया विधानसभा के दामोदरपुर छाता मेला परिसर रविवार को आदिवासी संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और आदिवासी नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जामुड़िया के विधायक अरिजीत राय और भाजपा जिलाध्यक्ष देबतानु भट्टाचार्य मौजूद रहे।
संस्कृति बचाने पर दिया जोर
अपने संबोधन में विधायक अरिजीत राय ने कहा कि आदिवासी समाज हमारी जड़ है। उनकी संस्कृति, परंपरा और लोककला को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। वहीं जिलाध्यक्ष देबतानु भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह के मेले ही नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ते हैं।
मंच पर आदिवासी समाज के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जिसने पूरे मेला परिसर को उत्सव में बदल दिया। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिला-पुरुष और युवा इस सांस्कृतिक उत्सव के गवाह बने।
आयोजकों ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की ओर से विधायक अरिजीत राय, जिलाध्यक्ष देबतानु भट्टाचार्य सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि छाता मेला सिर्फ मेला नहीं, बल्कि विविधता में एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज की परंपराओं को जीवित रखते हैं और आपसी भाईचारा बढ़ाते हैं।















