15 साल से अधर में लटकी आदिवासियों की 22 मांगें, आसनसोल SDO ऑफिस के बाहर ऑल आदिवासी कोऑर्डिनेशन कमिटी का जोरदार प्रदर्शन, CM तक ज्ञापन भेजने की मांग
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
अपनी 22 सूत्री मांगों को लेकर आदिवासी समाज का सब्र अब जवाब देने लगा है। 15 सालों से लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर ऑल आदिवासी कोऑर्डिनेशन कमिटी ने बुधवार को आसनसोल SDO कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया और SDO के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
संगठन का आरोप है कि साल 2011 से लगातार वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और प्रशासन को आवेदन दे रहे हैं, लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
2011 से कर रहे हैं आंदोलन
संगठन के सचिव मोतिलाल सोरेन ने बताया कि जब बर्दवान जिला अविभाजित था, तब से ही आसनसोल SDO कार्यालय के जरिए उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जा रहा है। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, जमीन पर कुछ नहीं होता।
बुधवार को सौंपे गए 22 सूत्री ज्ञापन में आदिवासी समुदाय के जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल हैं। संगठन ने मांग की है कि इस ज्ञापन को SDO के माध्यम से सीधे राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक पहुंचाया जाए।
शांतिपूर्ण आंदोलन से चेतावनी तक
मोतिलाल सोरेन ने कहा, “हम पिछले 15 सालों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार के सामने रख रहे हैं। हमने कभी कानून अपने हाथ में नहीं लिया। लेकिन अगर अब भी सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो हम बड़े और व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आदिवासी समाज सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल SDO कार्यालय ने ज्ञापन ले लिया है और उसे उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि 15 साल से इंतजार कर रहे आदिवासी समुदाय की आवाज सरकार तक पहुंचती है या नहीं।














