पांडवेश्वर में बच्चों की जान जोखिम में डाल रहा था कोयला परिवहन, ग्रामीणों ने रोकी ECL की लरियां, फिर मान गई कंपनी
शिल्पांचल टुडे, पांडवेश्वर।
अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए आखिरकार पांडवेश्वर के श्यामसुंदरपुर के ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ा। शनिवार सुबह से ही ग्रामीणों ने सरपी-श्यामसुंदरपुर से कुमारडीही जाने वाली जिला परिषद की सड़क को जाम कर दिया और ECL की सैकड़ों कोयला लदे वाहनों (लरियों) को रोक दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ECL अपनी मनमानी कर गांव की सड़क से भारी-भरकम कोयला लरियां दौड़ा रही है, जिससे पूरी सड़क टूट चुकी है और बच्चों की जान पर बन आई है।
गड्ढों में तब्दील हुई सड़क, धूल से जीना मुहाल
ग्रामीणों ने बताया कि भारी कोयला वाहनों के लगातार चलने से जिला परिषद की सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कई बार तो गाड़ियां गड्ढे में फंस जाती हैं, जिससे जाम लग जाता है।
सबसे बड़ी चिंता स्कूली बच्चों को लेकर है। गांव की सड़क के दोनों तरफ आदिवासी बस्ती है और बच्चे इसी सड़क से स्कूल जाते हैं। तेज रफ्तार लरियों और उड़ती कोयले की धूल के बीच बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। धूल सीधे घरों में घुस रही है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब ECL के पास कोयला ढुलाई के लिए अपना खुद का अलग रास्ता है, तो वह गांव के बीच से ट्रक क्यों चला रही है?
विरोध के बाद झुकी ECL, मार्ग बदलने का दिया आश्वासन
ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन की खबर मिलते ही ECL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ECL अधिकारी मधुसूदन सिंह ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि बारिश के कारण कंपनी का अपना मुख्य परिवहन मार्ग खराब हो गया था, इसलिए मजबूरी में इस सड़क का इस्तेमाल करना पड़ा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्य मार्ग की मरम्मत युद्ध स्तर पर चल रही है और शनिवार दोपहर से ही इस गांव की सड़क पर कोयला परिवहन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और गाड़ियां पुराने वैकल्पिक मार्ग से जाएंगी।
ECL के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा लिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर कंपनी अपने वादे से मुकरी तो आंदोलन और भी बड़ा होगा।














