ECL की सिंदुली कोलियरी में जोरदार एयर ब्लास्ट, बाउरी पाड़ा और माझी पाड़ा तक कांपी धरती, 100 से अधिक मजदूरों की टली मौत
शिल्पांचल टुडे , जामुड़िया
ईसीएल के केंदा एरिया की सिंदुली कोलियरी में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। खदान के भीतर अचानक हुए जोरदार एयर ब्लास्ट से पूरा इलाका दहल उठा। धमाका इतना तेज था कि खदान के समीप स्थित बाउरी पाड़ा और माझी पाड़ा के घरों तक कंपन महसूस किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी फैल गई।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, रविवार की नाइट शिफ्ट खत्म होने के बाद सोमवार सुबह खदान में उत्पादन का कार्य बंद था और केवल मेंटेनेंस का काम चल रहा था। इस दौरान अंदर मात्र 2 कर्मचारी ही ड्यूटी पर मौजूद थे। ब्लास्ट होते ही दोनों को तुरंत सतर्कता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
बड़ी लापरवाही उजागर, टला बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों और खदान विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह ब्लास्ट किसी सामान्य दिन, फुल शिफ्ट के दौरान हुआ होता तो खदान के अंदर 100 से अधिक श्रमिक मौजूद होते। ऐसे में यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।
ईसीएल के प्रारंभिक सूत्रों के मुताबिक, बंद पड़े शंकरपुर ओसीपी और पुराने बंद सीम से भारी मात्रा में पानी रिसकर सिंदुली के भूमिगत खदान में जमा हो रहा था। पानी के दबाव और अंदर बनी गैसों के कारण यह एयर ब्लास्ट हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही ईसीएल के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे कोलियरी क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। फिलहाल खदान में सभी तरह के कार्यों को रोक दिया गया है।
कोलियरी के भविष्य पर सवाल
इस घटना के बाद कोलियरी की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि सिंदुली कोलियरी में लगभग 550 श्रमिक कार्यरत हैं और यहां से प्रतिदिन औसतन 220 टन कोयले का उत्पादन होता है।
फिलहाल ईसीएल प्रबंधन पूरे मामले की तकनीकी जांच करा रहा है।














