अंडाल में कृषि कर्माध्यक्ष चुनाव में हंगामा, पंचायत समिति सदस्य को गेट से ही लौटाने का आरोप, BJP ने उठाए धांधली के सवाल
शिल्पांचल टुडे, अंडाल।
अंडाल पंचायत समिति में कृषि कर्माध्यक्ष के खाली पद पर चुनाव के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। बीडीओ कार्यालय में हो रहे चुनाव में एक पंचायत समिति सदस्य को अंदर नहीं जाने देने के आरोप के बाद पूरी चुनाव प्रक्रिया ही विवादों में घिर गई है।
एक महीने से खाली था पद
बताया जाता है कि अंडाल पंचायत समिति के कृषि कर्माध्यक्ष हराधन धीवर के निधन के बाद पिछले एक महीने से यह महत्वपूर्ण पद खाली पड़ा था। इसी पद को भरने के लिए मंगलवार को अंडाल बीडीओ कार्यालय में चुनाव रखा गया था। अंडाल पंचायत समिति में कुल 23 सदस्य हैं, हराधन धीवर के निधन के बाद संख्या 22 रह गई, जिसमें 21 तृणमूल के और 1 भाजपा के सदस्य दिनेश लाल हैं।
गेट से ही लौटा दिया, अंदर नहीं जाने दिया
विवाद तब शुरू हुआ जब खांद्रा पंचायत क्षेत्र की पंचायत समिति सदस्य मंजू भट्टाचार्य ने गंभीर आरोप लगाया। मंजू का कहना है कि उन्हें वोट डालने के लिए बाकायदा सूचना देकर बुलाया गया था, लेकिन जब वे बीडीओ कार्यालय पहुंची तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया और बाहर जाने को कहा गया।
मंजू भट्टाचार्य ने कहा, “मुझे वोट देने के लिए बुलाया गया था। लेकिन कार्यालय में घुसते ही मुझे बाहर जाने के लिए कह दिया गया। सिर्फ मैं ही नहीं, कुछ और सदस्यों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया।”
विपक्ष ने उठाए धांधली के आरोप
इस घटना के बाद अंडाल में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि चुनाव में धांधली हुई है। भाजपा सदस्य दिनेश लाल चुनाव में मौजूद थे, लेकिन तृणमूल के कई सदस्यों की मौजूदगी पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के दौरान बीडीओ कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से माहौल और गरमा गया।
प्रशासन चुप, जांच की बात
इतने बड़े आरोप के बाद भी अंडाल पंचायत समिति या बीडीओ कार्यालय की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर मंजू भट्टाचार्य को किस कारण से प्रवेश से रोका गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कृषि कर्माध्यक्ष जैसे अहम पद के चुनाव में सभी पात्र सदस्यों को वोट का मौका मिला या नहीं? क्या चुनाव पारदर्शी था? प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।














