फ्रांस की घटना से भारत को लेनी चाहिए सीख – विपक्षी पार्टियां फंडिंग से फैला रही हैं अराजकता : सुरेन जालान
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
आसनसोल के विशिष्ट व्यवसायी सुरेन जालान ने कहा कि आज दिनांक 07/10/2026 को फ्रांस में जो घटना हुई है, उससे भारत के सभी देशवासियों को सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि फ्रांस में आज जो दंगे हुए उसके पीछे स्कूलों की बदहाली नहीं है, बल्कि कट्टरपंथियों की सुनियोजित सोच है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी साफ कहा है कि राष्ट्र की शरणार्थी लिबरल नीति के कारण ही यह दंगे हुए हैं और वहां की फ्रांसीसी मूलभूत नागरिकों की संख्या कम होने पर यह इस्लामी संगठन फ्रांस की राष्ट्रीयता को मिटाना चाहते हैं।
जालान ने कहा कि 2014 से पहले यही खेल हमारे भारत में भी खेला जा रहा था, परंतु यह देश का सौभाग्य है कि 2014 में राइजिंग इंडिया की सरकार बनी और 2019-2025 में मूलभूत भारतीयों ने इसी सरकार को समर्थन दिया। खुशी की बात है कि केंद्र से लेकर पंचायतों, स्कूलों और निकाय चुनाव तक में भारत की जनता ही मतदान दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को तोड़ने वाले खास तौर से विपक्षी नेता और कुछ छात्र संगठन जंतर-मंतर और संवैधानिक संस्थाओं पर झूठा आरोप लगाकर भारी फंडिंग से देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं और फ्रांस जैसा हाल करना चाहते हैं।
जालान ने मूलभूत भारतीयों से अपील की कि आज जो फ्रांस में हुआ, वह भविष्य में भारत में न हो, इसके लिए इनके खराब इरादों को हर संवैधानिक संस्था द्वारा जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यह संगठन दिन-प्रतिदिन आर्थिक रूप से इतने मजबूत कैसे होते जा रहे हैं, इसका भी पर्दाफाश होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में 2025 के चुनाव के बाद जितने भी संशोधन विधेयक लाए गए, वे सभी देशहित में थे, नहीं तो फ्रांस जैसी दुर्दशा भारत की भी होती। एसआईआर, वक्फ बोर्ड, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक 2025, मणिपुर GST संशोधन, आयकर विधेयक, कराधान कानून संशोधन, खान एवं खनिज संशोधन, दिवाला संहिता संशोधन, जन विश्वास विधेयक, IIM संशोधन, संविधान 130वां संशोधन, केंद्र शासित प्रदेश सरकार संशोधन और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक – यह सभी भारत के नागरिकों की मूलभूत पहचान और सुविधाओं को बचाने तथा सशक्त भारत के निर्माण के लिए लाए गए हैं।














