आज विजयादशमी: पंडित हेमंत मिश्रा से जानें दशहरा पूजा, हवन, अपराजिता पूजन और व्रत पारण की सही विधि
पंडित हेमंत मिश्रा, ज्योतिषाचार्य
आसनसोल। आज 20 अक्टूबर 2026, विजयादशमी (दशहरा) का पावन पर्व है। आज के दिन शारदीय नवरात्रि का समापन हो रहा है। पंचांग और स्थानीय परंपरा के अनुसार आज मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन, रावण दहन और सिंदूर खेला का आयोजन होगा।
जो भक्त आज व्रत पारण, हवन और विजयादशमी की विशेष पूजा करना चाहते हैं, उनके लिए सरल विधि इस प्रकार है:
विजयादशमी पूजा की संपूर्ण विधि
1. स्नान और शुद्धि: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल व घर की अच्छी तरह सफाई करें।
2. माता की पूजा और हवन: चौकी पर स्थापित मां दुर्गा और कलश का ध्यान करें। रोली, अक्षत, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। यदि आपके कुल में नवमी या दशमी पर हवन की परंपरा है तो पंडित जी की सहायता से हवन संपन्न करें।
3. शस्त्र पूजा और अपराजिता पूजन: विजयादशमी पर मां अपराजिता की पूजा का विशेष महत्व है। उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में मां अपराजिता का आह्वान किया जाता है। इस दिन अपने अस्त्र-शस्त्र, औजार, वही-खाते और वाहनों की रोली-अक्षत से पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
4. व्रत का पारण: नौ दिन का व्रत रखने वाले भक्त हवन और पूजा के बाद सात्विक भोजन या प्रसाद ग्रहण कर अपने व्रत का पारण करें।
5. दशहरा उत्सव: शाम के समय असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में रावण दहन किया जाता है। बंगाल की परंपरा में विसर्जन से पहले महिलाएं मां को सिंदूर अर्पित कर सिंदूर खेला खेलती हैं और पान-मिठाई का भोग लगाकर सुहाग की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
मां दुर्गा सभी के जीवन में विजय और सुख-समृद्धि लाएं, यही प्रार्थना है।
– पंडित हेमंत मिश्रा
ज्योतिषाचार्य (MAJY)
संपर्क: 9332449502
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