जामुड़िया में हादसा: ईसीएल के नए जलाशय की दीवार ढही, मलबे में दबकर 2 की मौत’, 1 बच्चा गंभीर, ग्रामीणों का आरोप, ‘घटिया निर्माण बना मौत की वजह’
जामुड़िया । रविवार शाम करीब 4 बजे जामुड़िया विधानसभा के ईसीएल केंदा एरिया के तहत ईस्ट केंदा के भुइया पाड़ा में एक दर्दनाक हादसा हो गया। आम लोगों के लिए बनाए गए नए वाटर रिजर्वायर की एक तरफ की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल है।
‘पानी भरकर टेस्टिंग के दौरान गिरा दीवार’
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ईसीएल ने इलाके में लोगों के इस्तेमाल के लिए यह नया जलाशय बनवाया था। रविवार को उसमें पानी भरकर उसकी जांच की जा रही थी। नया रिजर्वायर देखने के लिए वहां काफी भीड़ जमा थी। कई लोग उसमें हाथ-पैर भी धो रहे थे।
तभी अचानक रिजर्वायर की एक तरफ की दीवार ढह गई। हादसे में भुइया पाड़ा निवासी प्रकाश भुइया (30), पवन भुइया (20) और एक बच्चा मलबे के नीचे दब गए।
अस्पताल ले जाते ही 2 को मृत घोषित किया
स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्रकाश भुइया और पवन भुइया को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे भरत भुइया की हालत नाजुक होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: ‘घटिया सामग्री से बना जलाशय’
हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलाशय के निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की वजह से यह हादसा हुआ है। गुस्साए लोगों को देखते हुए हालात काबू में रखने के लिए इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है।
ईसीएल के सीएमडी का बयान: ‘हमने नहीं बनवाया यह टैंक’
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक स्थानीय ईसीएल अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस पर ईसीएल के सीएमडी सतीश झा ने कहा, “इस पानी की टंकी का निर्माण ईसीएल ने नहीं कराया है।”
एक तरफ हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों में मातम है, तो दूसरी तरफ निर्माण को लेकर ईसीएल के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि इस मौत के जलाशय का जिम्मेदार कौन है।












